Events Dec/11/2018 07:20 PM (38) (3483)

भ्रष्टाचार के खिलाफ जनमुहिम में जुटे 11 संगठन

रिश्वतखोरों को पकड़वाने के लिए दो दिवसीय कार्यशाला में दिये गये टिप्स

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||वाराणसी

अंतरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस के अवसर पर काशी की धरती पर 11 सामाजिक संगठनों ने भ्रष्टाचारियों के खिलाफ बिगुल फूँका। इन संगठनों के पदाधिकारियों ने विशाल भारत संस्थान एवं भारतीय स्वराज फाउण्डेशन द्वारा वरुणानगरम् कॉलोनी, हुकुलगंज में घूसखोरों को कैसे पकड़वायेंविषयक दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में हिस्सेदारी की। कार्यशाला में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ताऔर भ्रष्टाचार निवारण कानून के विशेषज्ञ श्री अशोक सहगल ने प्रशिक्षार्थियों को रिश्वतखोरी पकड़वाने के टिप्स दिये।

कार्यशाला के अंतिम दिन अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अशोक सहगल एवं कार्यशाला के अध्यक्ष पातालपुरी मठ के पीठाधीश्वर महंत बालक दास जी ने नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीपोज्वलन कर कार्यशाला का शुभारम्भ किया।

कार्यशाला में एडवोकेट अशोक सहगल ने घूसखोरों के पकड़वाने के टिप्स दिये और कहा कि आम व्यक्ति घूसखोरी और भ्रष्टाचार से पीड़ित है। इसके मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार ने 26 जुलाई 2018 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 में संशोधन कर भ्रष्टाचार विरोधी कानून को और सख्त बना दिया है और सजा की अवधि भी बढ़ा दी है।

श्री सहगल ने बताया कि अब घूस की मांग करना मात्र ही दण्डनीय, गैर जमानती और संज्ञेय अपराध है। धारा-7 भ्रष्टाचार अधिनियम के अंतर्गत इसके लिए न्यूनतम सजा 3 साल और अधिकतम सजा 7 साल है। भ्रष्टाचार से अवैध सम्पत्ति बनाने वालों को न्यूनतम 4 साल और अधिकतम 10 साल की सजा तो होगी ही, साथ ही उसकी सम्पत्ति भी जब्त कर ली जायेगी। भ्रष्टाचार के विरुद्ध सुनवाई के लिए विशेष न्यायालयकी व्यवस्था है।

श्री सहगल ने कहा कि कोई भी लोकसेवक घूस मांगता है तो उसके खिलाफ किसी भी थाने में प्रार्थना पत्र देकर मुकदमा दर्ज कराया जा सकता है। घूस मांगने की बात मोबाइल या रिकार्डर में रिकार्ड कर उसकी सीडी बनवाकर प्रार्थना पत्र के साथ संलग्न करें। आप का कोई भी काम कोई सरकारी बाबू लम्बित कर पैसे की मांग करता है, स्वयं मांगता है या किसी गैर सरकारी आदमी या दलाल के माध्यम से मांगता है तो उसके खिलाफ थाने में मुकदमा दर्ज हो सकता है। यदि थाने में सुनवाई नहीं होती है तो कोर्ट में 156(3) के अंतर्गत मुकदमा दर्ज हो सकता है।

केंद्र सरकार के भ्रष्ट लोकसेवकों के विरूद्ध आम जनता सीधे सीबीआई को प्रार्थना पत्र दे सकती है। किसी भी लोकसेवक ने भ्रष्टाचार करके अधिक सम्पत्ति अर्जित किया है तो उसके विरुद्ध सीबीआई से शिकायत कोई भी कर सकता है। यदि वह चाहे तो उसका नाम गुप्त रखा जायेगा। रंगे हाथ पकड़वाने के लिए भ्रष्टाचार निवारण संगठन या यूपी सतर्कता अधिष्ठान के कार्यालय में सम्पर्क किया जा सकता है। भ्रष्टाचार में फँसे लोकसेवकों की नौकरी खत्म हो जायेगी। अब संशोधित नये कानून ने घूसखोरों और भ्रष्टाचार से सम्पत्ति अर्जित करने वालों के लिए मुश्किल खड़ी कर दी है। आवश्यकता है हिम्मत दिखाने की और एक प्रार्थना पत्र देने की।

कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए महंत बालक दास जी ने कहा कि भ्रष्टाचारियों के खिलाफ आम जनता को कानून के सहारे लड़ाई लड़नी पड़ेगी तभी समाज भ्रष्टाचार मुक्त हो सकता है।भ्रष्टाचार विरोधी कार्यशाला में विशाल भारत संस्थान के अध्यक्ष डॉ. राजीव श्रीवास्तव ने कहा कि भ्रष्टाचार कर अधिक सम्पत्ति अर्जित करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तभी होगी जब आम जनता भ्रष्टों की शिकायत करेगी। आम जनता अपनी ताकत पहचाने, यदि वह नहीं कर पाती है तो सामाजिक संगठनों से सम्पर्क करे।

प्रशिक्षण कार्यशाला में विशाल भारत संस्थान, भारतीय स्वराज फाउण्डेशन, भारतीय अवाम ट्रस्ट, टाइगर जोगिन्दर सिंह मेमोरियल सोसाइटी, मुस्लिम महिला फाउण्डेशन, कर्मचारी यूनियन, नेशनल फेडरेशन फॉर इंश्योरेंस फील्ड वर्कर्स ऑफ इण्डिया, पातालपुरी धर्म रक्षा परिषद्, लीगल एक्शन फ्रंट, भारतीय दलित फाउण्डेशन एवं योगेश्वर नाथ महाविद्यालय आदि संगठनों के पदाधिकारियों ने प्रशिक्षण लिया।

प्रशिक्षण कार्यशाला में मो. अजहरुद्दीन, कमल श्रीवास्तव, विभा गिरी, बब्बन तिवारी, अफसर बाबा, मजीद अंसारी, अशोक, फहीम अहमद, अब्दुल कलाम, मेहताब आलम, बेलाल अहमद नोमानी, महफूज खान, मेराजुद्दीन अहमद, डीएन सिंह, अब्दुल मुकीब, कलदीप यादव, अर्चना भारतवंशी, नजमा परवीन, डॉ. मृदुला जायसवाल, इली भारतवंशी, खुशी भारतवंशी, उजाला, शालिनी आदि लोगों ने प्रमुख रूप से भाग लिया।

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