Religion World Oct/25/2018 12:05 AM (38) (3483)

शरद पूर्णिमा: रात खुले आसमान में खीर रखने का वैज्ञानिक कारण

शरद पूर्णिमा 2018: कोजागरी पूर्णिमा, 'महारास' या 'रास पूर्णिमा' , 'कौमुदी व्रत' और 'कुमार पूर्णिमा' के नाम से प्रसिद्ध है शरद पूर्णिमा.

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डीआईवा नेटवर्क ||नई दिल्ली

कोजागरी पूर्णिमा, 'महारास' या 'रास पूर्णिमा' , 'कौमुदी व्रत'  और 'कुमार पूर्णिमा' के नाम से प्रसिद्ध है शरद पूर्णिमा (Sharad Purnima). इस दिन रात को खास खीर बनाकर चांद के नीचे रखे की परपंरा है. मान्यताओं की मानें तो इस खीर के कई सेहत से जुड़े फायदे होते हैं. वहीं, इसे एक खास मुहूर्त पर खुले आसमान में रखा जाता है. अगर आप भी शरद पूर्णिमा की रात खीर को बाहर रखने का सोच रही हैं तो यहां जाने सही वक्त और रखने का तरीका. 

 

जानिए शरद पूर्णिमा की खीर खाने के सेहत से जुड़े चौंका देने वाले फायदे

 

शरद पूर्णिमा की खीर को बाहर रखने का शुभ मुहूर्त और तरीका :

1. 24 अक्टूबर को चांद निकलने का समय है शाम 05.58. इसी वक्त खीर बनाकर खुले आसमान में रखें. 

2. अगर आपके पास खुले आसमान की व्यवस्था नहीं है तो खीर ऐसी जगह रखें जहां चांद की रोशनी खीर पर आए.

3. खीर को मिट्टी या चांदी के बर्तन में ही बाहर रखें.

4. साथ ही ध्यान दें कि खीर को सुरक्षित स्थान पर रखें, इसे कोई जानवर झूठा ना कर सके.

5. खीर रात 12 बजने के बाद उठा लें और फिर प्रसाद के तौर पर खीर को बांटें और खाएं.

 

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